शब्द का अर्थ
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अरद :
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वि० [सं० न० ब०] जिसके दाँत न हो। बिना दाँतोंवाला। |
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समानार्थी शब्द-
उपलब्ध नहीं |
अरदंड :
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पुं० [देश०] एक प्रकार का करील (वृक्ष)। |
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समानार्थी शब्द-
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अरदन :
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वि० [सं० ] बिना दांत का। पुं०=अर्दन। |
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समानार्थी शब्द-
उपलब्ध नहीं |
अरदना :
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स० [सं० अर्द्दन] १. कष्ट पहुँचाना। २. नष्ट करना।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है) |
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समानार्थी शब्द-
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अरदल :
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पुं० [देश०] एक प्रकार का वृक्ष। |
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समानार्थी शब्द-
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अरदली :
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पुं० [अं० आँर्डली] वह चपरासी जो बड़े किसी अधिकारी के आगे-पीछे चलता हो और उसकी छोटी-छोटी आज्ञाओं का पालन करता हो। मुहावरा—(किसी के) अरदली में चलना या रहना=किसी के आगे या पीछे अनुचर बनकर चलना या रहना। |
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समानार्थी शब्द-
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अरदाना :
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स० [सं० अर्दन] कुचलने का काम किसी दूसरे से कराना। अ० कुचला जाना।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है) |
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समानार्थी शब्द-
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अरदावा :
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पुं० [सं० अर्द से फा० आर्द] १. दला या कूटा हुआ अन्न। २. किसी चीज का कुचला हुआ और नष्ट-भ्रष्ट रूप। ३. भर्ता या भुरता नाम का सालन। चोखा। |
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अरदास :
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स्त्री० [फा० अर्ज़दाश्त] १. निवेदन। प्रार्थना। उदाहरण—किय अरदासि ततांर तुच्छव रोज अज्ज रहो गेहे।—चंदवरदाई। २. कोई शुभकाम आरंभ करते समय किसी देवता से की जानेवाली मंगल कामना। |
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